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तलोजा कॉपर प्रोजेक्ट, (टीसीपी), तलोजा, महाराष्ट्र

उत्पत्ति

तलोजा कॉपर प्रोजेक्ट को दिसम्‍बर, 1989 में स्थापित किया गया था, जो साउथवायर, यूएसए से प्राप्त तकनीकी पर आधारित है।

वर्तमान उत्पादन क्षमता

यह संयंत्र निरंतर ढलाई ताम्र छड़ (सीसीआर) का उत्पादन करता है और इसकी क्षमता 60,000 टन प्रति वर्ष उत्पादन की है । इसे कम्पनी की अपनी खेतड़ी एवं घाटशिला स्थित इकाइयों, केसीसी एवं आईसीसी से कैथोड की उपलब्धि कराई जाती है, इसके अलावा उत्पादन के लिए बाहर से भी कैथोड की खरीद की जाती है । इकाई कैथोड की टॉलिंग भी करती है ।

इस संयंत्र की क्षमता 60,000 टन प्रति वर्ष उत्पादन की है, जिसमें 8 मिमि, 11 मिमि, 12.5 मिमि एवं 16 मिमि की चौड़ाई के वायर रॉड बनाए जाते हैं । इस उत्पाद को कॉइल के रूप में बेचा जाता है, जिसमें प्रत्येक कॉइल का वज़न 3.5 मी.ट., 2.5 मी.ट. या 1.00 मी.ट. होता है।

प्रयुक्त तकनीकी

यहाँ पर विश्व-विख्यात साउथवायर कं., यूएसए की एससी 2000 सिस्टम तकनीकी का प्रयोग किया जाता है। साउथवायर कन्टिन्युअस रॉड सिस्टम (एससीआर) को कन्टिन्युअस कास्ट रॉड का उत्पादन करने के लिए विश्व की सबसे उत्तम तकनीकी माना जाता है। इस तकनीकी से उत्पादित रॉड एएसटीएम बी 49/98 एवं/अथवा आईएस 12444/1988 के कठिन मापदण्डों के अनुसार सटीक होते हैं।

वर्तमान आधारभूत ढाँचा

  • सन 1990 में स्थापित
  • 60,000 टन प्रति वर्ष उत्पादन की क्षमता वाला संयंत्र

नवी मुंबई स्थित तलोजा महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अंतर्गत है । यह मुंबई एयरपोर्ट से मात्र 43 कि.मी. की दूरी पर है, जहाँ पर किसी भी मेट्रो शहर की सारी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके पास में स्थित वाशी एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक केन्द्र है। इस जिले का मुख्यालय अलीबाग एक प्रमुख पर्यटन केन्द्र है।

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