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खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स, खेतड़ीनगर, राजस्थान

खेतड़ी अरावली श्रृंखला के तले बसा है, जहाँ पर ताम्र खनिज मिलते हैं, जिसके कारण उत्तर में सिंघाना से लेकर दक्षिण में रघुनाथगढ़ तक के 80 कि.मी. लम्बे धातु-समृद्ध क्षेत्र को आम तौर पर खेतड़ी ताम्र क्षेत्र कहा जाता है । इस क्षेत्र में कस कर जमी हुई फोल्डों (परतों) की प्रोटेरोज़ोइक मेटासेडिमेन्ट हैं, जो कि बेसमेन्ट जेनिएसिस पर स्थिर हैं तथा उत्तरी दिल्ली फोल्ड बेल्ट (क्षेत्र) का एक हिस्सा हैं। इस बेल्ट के प्रमुख भण्डार हैं – खेतड़ी, कोलिहान, बनवास, चाँदमारी, धानी बासरी, बाणीवाल की धाणी (नीम का थाना, राजस्थान) । अन्य भण्डार हैं – ढोलामाला, अकवाली, मुरादपुरा-पचेरी (झुनझुनू, राजस्थान) एवं देवतलाई (भीलवाड़ा, राजस्थान)।

उत्पत्ति

इस क्षेत्र में नियमित खनन का कार्य सन् 1872 से बंद हो गया था । पर 20वीं सदी के प्रारम्भ में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, इंडियन ब्यूरो ऑफ माइन्स के जियोलॉजिस्टों ने खोज करनी प्रारम्भ की । खेतड़ी खान का विकास-कार्य नेशनल माइनिंग डेवेलपमेन्ट कॉर्पोरेशन (एनएमडीसी) द्वारा किया गया तथा सन् 1967 में एचसीएल की स्थापना होने पर यह एचसीएल को सौंपी गई। इसके बाद यहाँ पर स्मेल्टिंग एवं रिफाइनरी को जोड़ा गया ।

खेतड़ी के अंतर्गत खेतड़ी शहर एवं खेतड़ीनगर हैं । खेतड़ी शहर की स्थापना राजा खेत सिंहजी निर्वाण द्वारा किया गया था तथा खेतड़ीनगर, खेतड़ी शहर से लगभग 10 कि.मी. दूरी पर स्थित है, जो कि हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा स्थापित किया गया तथा इसी की देखरेख में है।

वर्तमान आधारभूत ढाँचा

स्थापना 1967

मशीनीकृत भूमिगत खानें, मुख्यतया खेतड़ी एवं कोलिहान (क्षमता 1 मिलियन टन अयस्क   प्रति वर्ष) ।

बेनिफिकेशन प्‍लांट (क्षमता 1.81 मिलियन टन प्रति वर्ष) ।
प्रोसेस प्‍लांट, 31,000 टन प्रति वर्ष परिशोधित तांबा उत्पादन करने हेतु ।

अयस्क भण्डार, स्त्रोतों सहित

खेतड़ी खान
26 मिलियन टन @ 1.13 % ताम्र
कोलिहान खान
20.64 मिलियन टन  @ 1.35 % ताम्र
बनवास ब्लॉक
25.02 मिलियन टन  @ 1.69 % ताम्र
चाँदमारी-कोलिहान
बीच का ब्लॉक
12.10 मिलियन टन @ 1.03  % ताम्र

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